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न्यायक व्यवस्था

सलमान खान के रवैये में कोर्ट का में जो चहरा सामने आया चोकने बाला है १३ साल का समय लगा कोर्ट को यह बात जनने में कि दुर्घटना बाले दिन वह नहीं उनका ड्राईवर कार चला रहा था | वैसे फेसला आया नहीं है अगर कल को कला हिरन स्वयं आकर यह न कह दे कि मुझे किसी ने नहीं मारा मैंने खुद अत्म्दाहाकरी है |तथा सलमान खान कैससे बरी हो जाये |क्योकि हिन्दुस्तानी कोर्ट ओ में कुछ भी संभव है |ये हर नागरिक जनता है इतना ही नहीं लोग जब मुझ से यह कहते है कि कोर्ट की ईट ईट पैसे खाती है तो मुझे हेरंगी होती थी ...  कि ईट का तो मुह होता नहीं पर पैसे कैसे खाती है लेकिन अब समझ में आया की न्याय के देवता के न्यायालय में इस कदर अन्याय होता है कि पैसे के बिना कोई काम नहीं कि झूट के अलावा कोई नाम नहीं |इसमें कोई आश्चर्य बाली बात नहीं कोयिकी समाज में बकील की नैकनियत पर सवाल रोज उठते है रोज लोग उनके धन एवं अन्य बैबुनादी बातो की चर्चा करते है उसी समाज का हिस्सा होता है न्यायाधीश केवल प्रश्थितिबदलती है |न्यायधीश उपर बेठाहोता है बकील साहब नीचे खड़े होते है लेकिन इस से कोई खास अंतर इस तरह नहीं पड़ता जिस प्रकार देवालय में रा...

चन्द्र ग्रहण के राजनैतिक प्रभाव

04 अप्रैलकी पूरनमा को चन्द्र ग्रहण घटित होगा जो देश की पुरबी हिस्से में पूरण रूप तथा उत्तर भारत में भी देखा जायेगा |इस चद्रग्रहण के कारण प्राक्रतिक तथा राजनैतिक दोनों ही परस्थितियो में तेजी से बदलाब आएगा |ग्रहण के कारण जनता में नई बीमारिया जन्म लेंगी तथा राजनैतिक शीत युध के कारण भी देश को काफी नुकशान उठाना पड़सकता है अर्थात किसी बड़े राजनेता की गंभीर रूप से  बीमार होने या अचानक म्रत्यु होने के संकेत है |चैत्र मास में 05 शनिवार होने के कारण मोसम एवं राजनैतिक परिबर्तन के पुराण योग है |अत जम्मू कश्मीर सरकार पर राजनैतिक परेशानी के बादलमदरा सकते है तथा बंगाल में चलने बाली राजनैतिक गतिबिधि अधिक तेज हो सकती है तथा जम्मू कश्मीर एवं बंगाल में क्षत्र भंग हो सकता है |ये योग १० अप्रैल तक करीब गर है |इसीलिए जनता को स्वस्थ के प्रति साबधानीरखनी चाहिए तथा देश की सरकारों को आपसी टकराब छोड़ देश हित में ध्यान देना चाहिए |ये समय देश के लिए शुभ नहीं है | -- कोहू न काहू क़र सुख दुःख दाता | निज कृत कर्म भोग फल पाता||   गरल सुधा रिपु करें  मिताई ,गोपद सिन्धु अनिल सितलाई . गरुण सुमेर रैन ...

करुणा निधान भगवन श्री राम

२८ -०३-२०१५ को राम नौवी का महोत्सव भी मान्या जायेगा |भगवान् श्री राम का जन्म चेत्र मास शुक्ल पक्ष नौवी के अभिजित महूरत में हूआ था |गोस्वामी तुलसी दास जी के अनुसार वशंत ऋतू चेत्र मास सुक्ल पक्ष नोवी तिथि दिन का अभिजित न अधिक धुप न ठण्ड में क्रपालु भगवानश्री राम का अयोध्या नरेश दशरथ कौसल्या सुतने जन्म लिया |जिस समय भगवन श्रीराम का जन्म लिया उस समय भृष्ट आचरण विश्व की मुख्य समस्या बन गया था | रावण सुभायु मारीच का आतंक जग जाहिर था | गोस्वामी तुलसी दास नेमानस में जिन परस्थितियो का वरन मानस में किया है |उस के अनुसार ब्र्श्ताचार देश के ही नहीं विश्व की समस्या था |जिसे रघुकुल नंदन राम द्वरा दूर किया गया |जिनका वरण सुनकर ही सरीर के रोगटे खड़े हो जाते है |यानि दानव प्रवर्तियाइतनी बलवान थी कि राक्षस ऋषि मुनियों को जीवत ही खा जाते थे |जो लोग जप तपभजन साधन करते थे उनके ग्राम भवन सभी जलादिये जाते थे | मुझे मानस की एक कथा व्यप्त भ्रष्टाचार को लेकर स्मरण हो रही है कि बनवासी राम जब चित्र कुट से पंचवटी की और प्रस्थान कर रहे थे तब रास्तेअगस्त मुनि के प्रभु आश्रम गए तथा उन्हें अपने रहने को स्थान पूछ...

माँ सिद्धि दात्री

कल दिनांक २८-०३-२०१५ को अंतिम नवरात्री है |इस दिन भगवती के अंतिम स्वरूप देवी सिद्धदात्री के स्वरूप का पूजन होता है |देवी सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों को देने बाली है |हमारे शास्त्रों में १८ प्रकार की सिद्द्धिया बतलाई गयी है |इन के नाम इस प्रकार है |इन का व्र्रण मार्कंडेय पूरण में भी मिलता है |इन का उल्लेख इस प्रकार है - १-आरिमा २-लघिमा ३-प्राप्ति ४-प्राकाम्य ५-महिमा ६-ईशित्व 7-सर्व कमाव्सयिता ८-सर्वज्ञत्व 9-दूर श्रवण १० परकाय प्रवेशन 11-वाक् सिद्धि 12  कल्प व्रक्षततव १३ स्रष्टि १४ -संहारकरन सामर्थ्य 15 अमरत्व १६ सर्व न्याय कत्व् १७ भावना १८ सिद्धि  ये सभी सिद्धियों की दात्री माँ भगवती सिद्धि दात्री कहलाती है |जो अपने साधको को माँ भगवती प्रदान करती है | देवी पूरण के मत अनुसार देवी सिद्धि दात्री द्वरा भगवन शिव की क्रपा से ये सभी सिद्धिया देवी ne  प्राप्त करी है |भगवन शिव द्वरा महारास में अर्ध नागेश्वर का रूप देवी सिद्धिदात्री की क्रपा से ही प्राप्त हूआ था |देवी सिद्ध दात्री चार भजयो बाली है शेर पर देवी की सवारी है इस के साथ साथ देवी कमल पर भी आसीन है |देवी के दाहिनी ...

रामनौवी महोत्सव

कल मरियादा पुर्सोतम भगवन श्री राम का जन्म दिन है |भगवान् श्री राम का जन्म चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नौवी तिथि को दिन के अभजितयानि मध्यान में हूआ |अत कल दिन के अभिजित में राम जन्म उत्सव मनाया जायेगा |भगवानश्री राम का चरित्र मरियाद्यो से भरा हूआ है |राम के चरित्र में कुशल रजा आज्ञा करी पुत्र एक अच्छा पति अच्छा भाई तथा अच्छा स्वामी के सभी अद्रश गुण पाए जाते है |भगवान श्री राम के पावन चरित्र का जो वरण गो स्वामी तुलसी दास द्वरा अपने पावन सद ग्रन्थ में किया है उस से कोई मानब अछूता नहीं है |क्रपालु भगवान् श्री राम की हर लीला मानब को मानब ता का पाठ पड़ती है |मानस के नायक भगवन श्री राम का करुणा के अबतार है कितना पावन चरित्र है भगवन श्रीराम का की मानब तो क्या लाता पशु पक्षी सभी करुणा निधान भगवन श्री राम से प्रेम करते है |धन्य है एसे प्रभु जिन के नाम के आधार सहारे तैराए गए पत्थर आज भी राम सेतु के रूप में बिराज मान है | वैसे तो भगवन श्री राम का चरित्र अ वरणीय है लेकिन प्रभु के जन्म उस्तव पर आप रुझान प्रभु चरणों में आकर्षित करने हेतु एक प्रसंग जो मेरे मन को काफी लम्बे समय से उत्साहित कर रहा है वह...

महा गौरी पूजन

कल माँ भगवती गौरी के पूजन का दिन है |महा गौरी नवरात्री की अष्टम दुर्गा है | देवी नेहिमाचल के यहा जन्मलेकर भगवन शिव को वर स्वरूप में प्राप्त करने हेतु 12 साल तक तपस्या करी जिस के कारण देवी का सरीर कालाहो गया था |सनकादिक मुनियाँ द्वरा काफी समझने के बाद भी देवी अपनी प्रतिजा नहीं तोड़ीदेवी की माँ मैना तथा पिता द्वरा काफी समझया गया लेकिन देवी अपनी प्रतिजा पर कायम रही और उन्होंने सप्त ऋषियों के समझने पर कहाँ था कि  सुनो सप्त ऋषि रगर हमारी |  वरे  शिव  नहीं  राहू कुवारी || परिणाम स्वरूप देव लोक में हलचल मंच गयी देवो भगवानशिव को प्रशन्न किया तथा भगवानशिव जिन्होंने कामको जला कर क्षारकर दिया था |ब्रह्मा अदि देवो की स्तुति पर सहमत्त हो गए तथा माँ भगवती पार्वती से विवहा के लिए वचन दिया तथा माँ भगवती की अभिलाषा पूरण करने हेतु भगवन शिव पारवती के समुख प्रकट हूए तथा उन्हें अशिवचन देकर अस्वस्थ किया एवं उनके तपस्या के द्वरा काले सरीर को गंगाजल से धोया जिस से उनका सरीर चन्द्र के सामान उज्ज्वल हो गाया |तभी से देवी भगवती का नाम महा गौरी पड़गाया |देवी के इस स्वरूप की पूजा आठ...

वर्ष २०१५ -१६ नूतन सम्बत कीलक नामक सम्बत का महत्व

ॐ श्री गणेशाय नम      ॐ श्री नारायणा नम       ॐ श्री दुर्गाये नम  कल दिनाक २१-०३-२०१५ दिन शनिवार को कीलक नामक नूतन सम्बत का शुभ आरंभ होगा जिस का रजा शनि होगा तथा मंत्री मंगल होगा |इस सम्बत का शुभ आरंभ २०-०३-२०१५ दिन शुक्रवार की रात्रि को ०३ .४५ शाम  होगा जिस समय दिल्ली में कर्क लग्न उदय होगी  राजाशनि का प्रभाव -इस वर्ष का शुभारम्भ शनिवार से होने के कारण इस वर्ष का राजा शनि होगा तथा जिस का बहन महिष भैसा होगा जिस को जल अति प्रिय है अत इस वर्ष में वर्षा अति अधिक होगी |जिस से बढ़ एवं अन्य प्राकतिक प्रकोपों से हानि|शनि को काले रंग की वस्तुए अधिक प्रिय होती है अत इस वर्ष में काली वस्तुए अधिक प्रिय होती है अत इस वर्ष में काली वस्तुओ की मांग अधिक होगी तथा वह महगी होगी ||इस वर्ष में चोरी लूटपाट एवं आतंक की घटना जनता को परेशान करने बली होगी |जिस को रोकने हेतु सरकारों को काढ़े कदम उठाने होगे | वर्ष का रजा मंगल का फल ---इस वर्ष का मंत्री मंगल होने के करण अग्नि सबंधी घटनाये अधिक होगी |तथा लोग चौरी लुट तस्करी की घटनायो से प्रभावित होगे |इस वर्ष मे...