जन अधिकारों का अनदेखा करेंगी सभी वर्तमान सरकारें ज्योतिष के अनुसार इन दिनों शनि अपनी उच्च राशी तुला में गोचर कर रहे हैं. मंगल का गोचर सूर्य की राशी सिंह में है जो मई अंत तक रहेगा दूसरी ओर गुरु एवं शनि के परस्पर दृष्टि भी है . ज्योतिष में गुरु को कानून और ज्ञान का कारक मन जाता है तथा शनि को जनता एवं राज्य के संसाधनों का कारक माना गया है गुरु एवं शनि की परस्पर द्रष्टि इस बात का प्रतीक है की शनि की उच्चता के कारण जनता के पास जो संसाधन बढेंगे उस पर कानून की पैनी द्रष्टि होगी और जनता से हरण कर लिए जायेंगे. यद्यपि यह बात पूर्णतया सत्य है की गुरु के उच्च राशी में आनें के कारण समाज की उपभोग प्रवृति बढ़ेगी जिसे देखते हुए सरकारें अपनी नई कर नीति के तहत समय समय पर जनता के धन का हरण भी करती रहेगी जिस से जनता त्राहि त्राहि कर उठेगी.दूसरी ओर मंगल जो ज्योतिष में बल का कारक है का लम्बे समय के लिए सूर्य की राशी सिंह में आनें के कारण सरकारें निरंकुश होंगी तथा जनता के अधिकारों की पूर्ण रूप से अनदेखी करेंगी अर्थात सरकारों की अराजकता इस कदर बढ़ेगी की जनता विरोध प्रदर्शनों के द्वारा...
Posts
Showing posts with the label Anna Hazare
देश का संकटकालीन समय १० सितम्बर से ३० अक्तूबर तक
- Get link
- X
- Other Apps
देश का संकटकालीन समय १० सितम्बर से ३० अक्तूबर तक ज्योतिष अनुसार इन दिनों मंगल का गोचरीय संचार १० सितम्बर से अपनी नीच राशी कर्क में संचार कर रहे हैं . मंगल स्वतंत्र भारत की कुंडली में चन्द्र कुंडली के अनुसार राजयोग कारक है तथा लगन कुंडली के अनुसार सप्तम और द्वादश भाव का भी स्वामी है.मंगल का कर्क राशी में गोचर लगन एवं चन्द्र कुंडली के अनुसार शुभ संकेत नहीं है.इस गोचर से देश की सरकार को,देश का सुरक्षातंत्र ,पडोसी देश एवं मित्र राजनेता ,मंत्री आदि से धोखा होने की सम्भावना हैगुरु के १२वे घर में गोचर के कारण कानून व्यवस्था पहले ही सरकारी नियंत्रण से बाहर है.यह समस्या भविष्य में तब और वृद्ध हो सकती है जब १५ नवेम्बर २०११ को सायें ४.३० शनि कन्या राशी को त्याग कर तुला में गोचर करेंगे .परिणाम स्वरुप गुरु व शनि की परस्पर दृष्टि होगी .फलस्वरूप सरकार को भ्रष्टाचारी अधिकारी और राजनेता के विरुद्ध कारवाही को लेकर अपमानित होना होगा..अतः वर्तमान सरकारके कारण देश की छवि धूमिल होगी. इस वर्ष का नया आलम गुरु के १२वे घर में गोचेर के कारण देश की कानूनी व्यवस्था साधू,संत व त्यागिजनो ...