माँ भगवती कत्यानी





आओ कल पूजन करे करुणामयीदेवीकत्यानीका
नवरात्रिके छटवेदिन भगवती कात्यानी देवी केपूजनका विधान है| कहाजाताहैकि पराचीन काल मेंएककर्त नामके ऋषिहूए जिनकेपुत्रका नामकात्यान था| कात्यान मुनिके कोईसंतान नहींथी|अतसंतानप्राप्तहेतु माँ भगवतीकी आराधनाकरी ऋषिकी कठोरतपस्यासेप्रशन्न होकर देवी ने मुनि केयहासंतान होने कावरदान दिया | उनदिनों महिषासुर असुरका अत्याचारप्रथ्वीपर बड़ाहूआ था | देवोकेअवाहनपरदेवीउत्पत्तिएवं अबतार हूआ| इससमय माँभगवती कात्यान मुनिकी संतानबनी एवं कात्यान मुनि नेदेवीका विधिवतपूजन किया जिसकेकारनमाँ भगवती का नाम कत्यानी पड़ा|छठेदिनदेवीकेइसरूपकीपूजाहोतीहै|माँकत्यानी चतुर्भुजाबाली है|देवीके एकहाथमेंतलवारएवं एकहाथमें पुष्प है|देवीकापुष्पबाला हाथ अश्रीवादमुद्रामें है|माँभगवतीभक्तो काकल्याणकरने बाली हैइससमयमाँकेभक्तका मनध्यानमुद्रामें होता है|आओमाँ के इसस्वरूप कीपूजा कर आनन्दकोप्राप्तकरे
--
मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी |
दीन दयाल  विरद  सम भारी,   हरयो  नाथ  मम शंकट भारी .||.
Pt.Shriniwas Sharma
Mo:9811352415                                                      
http://vedicastrologyandvaastu.blogspot.com/
www.aryanastrology.com
Professional charges :Rs1100/Patri,...Prashan  Rs 500 vaastu visit [locale] RS 5100
Central bank a/c: SB no: CBIN0280314/ 3066728613 







Comments

Popular posts from this blog

MANGLIK DOSH TATHA USKE PERBHAV

SHANI KI SADESATI AUR US KE PERBHAV

सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है, पावन पाठ हनुमान चलीसा.