समाज एवं सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार






-- देश में समाजएवं सरकार मेंव्याप्तभ्रष्टाचार आज गरीब नागरीकोके जनजीवनको तह्श नहशकरनेलगा है | आज भ्रष्टाचार उस दीमककी तरह समाज एवं सरकार दोनों में इस प्रकारव्याप्त कीगरीब इमानदारव्यक्तिका जन जीवन पूरीतरह तहसनहस करदिया है| आज भ्रष्टाचार के चलतेकिसीराजनेता ,अधिकारी, वकील न्यायधीश पुलिसअधिकारी जो उच्च होदो पर बेठे है जिनसे एक आम नागरिको भारी उमीदहोनी चाहिए वहा भय व्याप्त है| आजइस देशका गरीब आदमी देशकी व्यवस्थापर भरोसा तोनही कर पा रहा है| बल्किभयभीत है|
यदपि भ्रष्टाचार नेदेशकीव्यवस्थाकाबुराहाल बनारखा है | लेकिन पुलिसएवन्यायव्यवस्था इनसभीमें सबसे अधिक चौकानेबाली सिद्धहोती है| जिसकी जरूयत समाजको सबसे अधिकहोती है|
जबकोई गरीब व्यक्ति कानूनकेपचड़ेमें फंसता है | तब न्यालयमें बेठेन्यायधीश में वह भगवान का रूपदेखता है और वहयह भूलजता है कि इंसानियतका गलाघोटने बाले सेतान देशके न्यालयोमें भी बिराजमान है | जिसकेबल पर ब्यरोक्रसी बेठे लोग निर्भीक होकर भ्रष्टाचार करते रहते है | आजदेश के गरीबव्यक्ति को देशकी अदालतोंसे तारिख हीमिलती है न्यायनहीं| औरइसव्यवस्थामें हरअवस्थामें बकील ही जीत ते है| देशकीअदालतोंमें मुकदमादसदससालचलते है| न्यालय अधिकतर तारिखदेते हैऔर बकील तरीकदिलवाते है | जिसकाभारी चार्जलेतेहै|
भारतकासंबिधान जोविश्वकासबसेबड़ेसंबिधानओ में से है उसकी मूलप्रस्तावना में हर व्यक्तोको न्याय पानेकी बकालतकरी है| देशकीसर्वोच्चन्यालयभी इसबात कोलेकर केईबार तिपड़ी करचुकी है| देशके हरपीड़ित कोन्यायमिलनाचाहिए| जबकी व्यवस्था यह देशकी अदालते गरीब मजबूरलोगोको न्यायतोक्या सजाअब्स्य कर देती है| वैसे इसदेशमें गरीब व्यक्तिकाजीवन सभीप्रकार से भगवन भगवान भरोशे है औरन जानेकबतक चलेगा समाजसे सिसितमतक फेले भ्रस्ताचार में इसदेशकागरीबरोज मरता है | गरीब परपैसे नहोनेके कारनदेशकासमाज एवंसिस्टम सभी उसका भ्र्पुरणशौषण करते है उसकेजीवनकाकोईअस्थ्तव ही नहींबचताहै| अगर एसागरीबकिसी प्रकार अपनीलडाई उसन्यालयतक लेकरपहुचजाये जहाँलोग इंसाफ पानेकेलिए जाते है वहा उसकी घुटनऔर बढ़जाती है | न्यालयोमें चलने बली लम्बीप्रक्रियामें तारीखेकरतेहुएख़त्म हो जाता है औरसमाज कोयहसन्देशदेजाता है कि इसदेशमें गरीबोपर राजनीती करनेबाले राज नेताबहुत है | लेकिन सहीमायने में गरीब का केबल भगवान है | इसदेशमें गरीबकीजिन्दगी कानून भरोशेनहीं भगवान भरोशे है| इस लिए आज२१बीशादीमें देशकागरीब अपने जीवनकी लडाई अपने बलपरलड़ता है| वहनकिसीराजनेता अधिकारीके पास जाता है| नहीं किसीन्यालय में गुहार लगाता है | उसकीसबसेबड़ीअदालत भगवान कीअदालत है एवं गरीबो का भरोसा भगवान होते है इस में कोईसंदेहनहीं है |
मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी |
दीन दयाल  विरद  सम भारी,   हरयो  नाथ  मम शंकट भारी .||.
Pt.Shriniwas Sharma
Mo:9811352415                                                      
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