SHANI KA VRSHAK RASHI MEN GOCHAR

०२ -नबंबर २०१४ दिन रविवार नक्षत्र  सतिभीषा योग वृधि कारन गर तथा चन्द्र कुम्भ राशि में प्रवेश करने पर  मध्य रात्रि के समय प्रवेश करेगा  वर्षक राशि का स्वामी मंगल है तथा मंगल के नवांश में प्रवेश पर होगा । ज्योतिष में मेदनी ज्योतिष में शनि जनता का कारक माना गया है शनि और मंगल आपस में शत्रु ग्रह है शनि का मंगल की राशि में गोचर जनता को परेशनी दें देगा मंगल को भूमि सूत कहाँ जाता है । अत शनि जब तक मंगल के नवांश में गोचर प्रकृतिक आपदा दें सकता है । इस के साथ साथ शनि को शूद्र ग्रह माना जाता है ।

अत शनि का मंगल की राशि में आना समाज में चौरी लूटपाट की घटना एक और बढ़ेगी दूसरी और पुलिस या सैनिक बल के साहरे सफलता प्राप्त होगी अत शनि के राशि प्रवर्तन के साथ आतंक पर एक हद तक सफाया होगा तथा कानून व्य्वश्था के तहत पुलिस की स्थति मजबूत होगी । शनि लग भग छ महीना तक मंगल के नवांश रहेगा अत इन छ महीनो में जनता को प्राकृतिक आपदा राजनैतिक शंकट तथा पुलिस का अतियाचार सहन करना पड़ सकता है
साहनी ०२ नबंबर २०१४ से देश की कुंडली जो वृष लग्न तथा कर्क राशी की है कर्क राशि  तांबे के पाद बाला होगा परिणाम सवरूप राजनैतिक शंकट बना रहेगा । तथा देश को मित्र राष्ट भी झटका देंगे लेकिन देश की कुंडली में चलने बाली शुभ ग्रहो की दशा देश को बल प्रदान करती रहेगी । शनि वृषक राशि में प्रवेश मित्र राष्ट पाकिस्तान  भी कुछ बल प्रदान करेगा क्यकि पाकिस्तान  से शनि कीमरकता ख़त्म  अत प्रकृतिक आपदा  लम्बे समय से चल रही है में काफी कमी आएगी 

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