akhya trtiya parav

अक्षय तृतीया पर्व
           जैसा कि नाम से ही प्रतीत है  अ  क्षय  यानि अ मने नही क्षय नष्ट यानि जिस का प्रभाव नष्ट न हो उसे अक्षय तृतीया कहा जाता है । हिन्दू दर्शन में इस की भरी मान्यता  है  इस दिन भगवन के पादकयो के दर्शन  होते  है  अतः श्रद्धालु मंदिरो में भगवन विष्णु जो जगत  पालन  हार  है  जीवन की सफलता हेतु प्रथना करते  है  तथा चरणो के दर्शन कर अपने को धन्य  मानते है  इस तिथि पर भगवन  लक्ष्मी के साथ  विराजमान होते
हिन्दू दर्शन के अनुसार अक्षय तृतीया बाले दिन लक्ष्मी जी की उत्पत्ति समुद्र से इसी दिन हुई थी  जिस ने भगवन विष्णु को अपना वर चूना था  । अतः अक्षय तृतीया धन की देवी का भी पर्व है । इसदिन सोना खरीदना अति उत्तम माना जाता  है  इस दिन दीपावली के भाती नारायण तथा लक्ष्मी का पूजन  करने से भगवन की अनोखी कृपा प्राप्त होती है ।  इस दिन निम्न उपाय करने से अच्छी सफलता प्राप्त होती  है -
१ -अक्षय तिथि वाले दिन  भगवन को मिस्री माखन का भोग लगाने से यश कीर्ति कीबृद्धि होती है ।
२-अक्षय तृतीया के दिन नीम के पत्ते के साथ मिस्री  अमला शहद तुलसी  बड़ी इलायची  छोटी इलायची  केसर चराने से निरोगता पूरे वर्ष के लिए प्राप्त होती है 

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