शरद पूर्णीमा पर्व संतान प्राप्ति का साधन

शरद पूर्णीमा पर्व संतान प्राप्ति का साधन
शरद पूर्णिमा मन की सभी अभिलाषाओं को पूरण करने वाला अनोखा पर्व माना गया है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त होता है . यह भी कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को भगवान् श्री कृषण नें
महारास रचाया था जिसमें सभी देवता उपस्थित हुए थे . मानाजाता है की शरद पूर्णिमा की रात्रि को चन्द्र देव धरा पर अमृत वर्षा करते हैंजिस से की धरा पर सभी रोग और शोकों का नाश हो  धन धन्य की वृद्धि हो सके .
शरद पूर्णिमा के दिन संतान प्राप्ति हेतु व्रत करनें का भी विधान है शास्त्रों में कहा गयाहै इस दिन व्रत धारण कर देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है .लक्ष्मी पूजन  में श्रीसूक्त व  कनक धारा  स्त्रोत्र  का   

Comments

Popular posts from this blog

MANGLIK DOSH TATHA USKE PERBHAV

विवाहिक बिलब को दूर करता है जानकी मंगल या पारवती मंगल का पाठ

गजेन्द्र के पूर्व जन्म संस्कार