गुरु का मेष राशी में संचार

गुरु का मेष राशी में संचार
९ मई २०११ को गुरु मीन राशी से मेष राशी में संचार करेंगे .काल पुरुष की कुंडली में मेष राशी सिर पर उदय होने वाली तथा  प्रथम  राशी है |राशी अधिपति  मंगल है जो अग्नि कारक ग्रह है. गुरु के मेष राशी में संचार के समय गुरु देश की कुंडली के नवं घर से दसवें घर में संचार करेंगे दसवां घर कानून ,संसद का होने के कारण वैधानिक तरीकों में कुछ बदलाव की सम्भावना है. जो जनता के हित के लिए होगा . गुरु का मेष राशी संचार सूर्य तथा मंगल के साथ होने के कारण भारत के लिए अंत्यंत शुभ फली सिद्ध होगा लेकिन मंगल का शुक्र के नवांश में जाने के कारण महिला वर्ग का शोषण बढ जायेगा अतः क़ानूनी व्यवस्था मजबूत होने के बाबत भी समय समय पर महिला शोषण की शिकार होती रहेंगी.
व्यापारिक दृष्टिकोण से गुरु के राशी परिवर्तन के बाद गुरु के कारक तत्व जैसे सोना ,पीतल,ताम्बा के भाव अत्यंत महंगे होंगे इसके साथ साथ मंगल के शुक्र के नवांश में जाने के कारण पेट्रोलियम पदार्थ महंगे होंगे तथा पेयजल के साधनों में कमी होगी जिसको लेकर समाज में अव्यवस्था तथा जनता का कानून से भरोसा और कम हो जायेगा. इसके साथ जब शुक्र अपनी उच्च राशी मीन में  प्रवेश करेगा उस समय महिला समाज में फैशन तथा विलासता में वृद्धि होगी दूसरी और गुरु के पीड़ित नवांश में होने के कारण बड़ी हुई विलासता और फैशन ही उनके शोषण का कारण उत्पन्न करेंगे.   

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