Posts

नव सम्बत सर विरोधकर्त की मुख्य घटनाओ का ज्योतिषीय विवेचन

इस नव सम्ब्त्सर का शुभ आरंभ  दिनाक १८ मार्च दिन रविवार उत्र्रा भाद्रपद नक्षत्र  शुभ योग एवं कि कारण में हो रहा है |नए सम्बत का शुभ आरंभ  रविवार से होने के कारण इस हिन्दू वर्ष का राजा रवि यानि सूर्य होगा  एवं उस का मंत्री शनि होगा |शनि एवं सूर्य का आपस में वैर भाव होने के कारन वर्ष आरंभ से अंत तक जनता एवं रजा की खीचातानी में रहेगा | यानि यह वर्ष जनता के लिए बिकुल अच्छा नहीं होगा |जनता समाज में आतंक का शाया निरंतर सरकार की छवि खराब करेगा |दि-०७-०३-२०१८ से शनि मंगल की युति बनी हुई है  जो जनता के अनकूल  नहीं है इस के बाद दि-२८-०४-२०१८ मंगल जब मकर राशी  यानि अपनी उच्च राशी में जो २८ अक्तूबर तक रहेंगा जिस से यूरोप के मुख्य देश .एवं उत्तरी कोरिया तथा पडोशी देश चीन  से मति भेद एवं आपसी टकराब की संभवना है |इस वर्ष कड़ी के मुस्लिम राष्ट में भी टकराब की संभवना रहेगी | इस वर्ष में ज्योतशिय आधार पर होने बली मुख्य घटनाये  जो इस प्रकार है -------- १ इस सम्बत का नाम  विरोधकर्त  सम्बत है  अत इस वर्ष में राजनेतिक शंकट गहरायेगा भारतीय जनता ...

गुप्त नव रात्रि माघ शुक्ल पक्ष २०१८

कल दिनाक -१८-०१-२०१८ दिन गुरुवार से माँ भगवती के गुप्त नवरात्री शुरू होंगे | इस श्रष्टि में सबसे अधिक शक्ति की पूजा होती है | वर्ष में चार वार दो वार मानव लोग देवी की उपसना करते है | वर्ष में दो ही वार देवता लोग भी माँ की उपसना करते है | देवता लोग गोपनीय रूप में सभी दिखावे से रहित देवी की उपसना करते है इस लिए देवो के नव रात्रों को गुप्त नव रात्रि कहते है | एवं मनाब दिखावे पूरण देवी की उपसना करता है अत इन्हें प्रकट नव रात्रि कहते है | कल गुप्त नव रात्रि पर प्रथम दिन शैल पुत्री का पूजन होगा | नव रात्रि का आरंभ श्रवण नक्षत्र में होने के कारण देवी का देव लोक में अगवान पालकी में होगा एवं दिनाक २६-०१-२०१८ को भरनी नक्षत्र में नव रात्रि का समापन होने के कारण देवी की विदाई नगे पैर है जो अच्चा नहीं है |परिणाम स्वरूप आने बाले नव संवत में प्राक्रतिक बधायो और संकेत है |

कम हो जायेगा आम आदमी पार्टी में व्याप्त आन्तरिक कलह

दिनाक 14-०१-२०१८ दिन रविवार से सूर्य धनु राशी को छोड़ कर अपनी उच्च राशी मकर में प्रवेश कर गए है | जिस शनि एवं सूर्य की ग्रहण की युति समाप्त हो गयी है  जिस से जनता को देश की कानून व्यवस्था से लाभ  होगा | इस के साथ साथ दिनाक १७ ०१-2018 दिन बुद्धवार को मंगल तुला राशी यानि अपनी नीच राशी को छोड़ कर वर्श्चिक में प्रवेश करेंगा | जिस से पाक सीमा पर उत्पन्न आतंकबाद में कमी आएगी | एवं देश का सैनिक बल  आतंक बादियो के मुहं तोड़ने में सफल होंगे | इस के साथ साथ साथ भारत के अंतर राष्टीय सम्बन्ध और अधिक मजबूत होंगे  एवं राजनेतिक गत रोध  न्यायक गति रोध सभी समाप्त होंगे | अत यह समय देश के राजनेतिक एवं सामजिक व्यवस्था के लिए अनकूल है | जिस में देश का आर्थिक  जगत भी विकाश करेंगा | -- मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी | दीन दयाल  विरद  सम भारी,   हरयो  नाथ  मम शंकट भारी .||. Pt.Shriniwas Sharma Mo:9811352415                             ...

देश के अंदर राजनेतिक शंकट एवं जनता के लिए कष्ट दाई समय

इन दिनों सूर्य एवं शनि के गुरु की राशी में होने के कारण  राज नेता एवं जनता दोनों के लिए कष्ट दाई बना हुआ है |इस के साथ साथ मंगल के तुला यानि अपनी नीच राशी में होने के कारण जनता के त्रास एवं राजनेतिक बगावत की संभवना और अधिक बढ़ जाती है | यह सिलसिला 17 जनवरी २०१८ तक अतिअधिक बढ़ जाता है |दिनाक 17 -०१-२०१८ को जब अपनी नीच राशी तुला को छोड़ कर अपनी राशी वर्श्चिक में आएगा जनता को शांति मिलेगी एवं राज नेतिक दंगल में नरमी आयेगी | इस अबधि में दिल्ली .महाराष्ट  हरियाणा पंजाब  एवं बंगाल में राजनेतिक उथल पुथल जन बालबा होने की सम्भावना है | लेकिन इन दिनों आम आदमी पार्टी का समय अधिक कष्ट दाई होने के कारण  निरंतर आन्तरिक कलह बढ़ेगी |जिस से जनता में पार्टी की छवि अतियंत खराब होगी  -- मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी | दीन दयाल  विरद  सम भारी,   हरयो  नाथ  मम शंकट भारी .||. Pt.Shriniwas Sharma Mo:9811352415                             ...

शुक्र के धनु राशी में आने पर राजनेतिक परिबर्तन के असार

आज दिनाक 20-१२-२०१७ से शुक्र जैसा शुभ ग्रह  मंगल की राशी वर्श्चिक को छोड़ कर गुरु की राशी धनु में शनी एवं सूर्य के साथ गौचर करेगा | जिस देश की राजनीती एवं मौसम का प्रभाव दोनों के बदलाब के संकेत है | 07 जनवरी २०१८ को शनि उदय हो जायेगा  जिस से की वरिष्ट महत्व पूरण नेता के निधन  या गंभीर रूप से बीमार होने की सम्भावना है | इस के साथ साथ सूर्य एवं शुक्र की युति के चलते देश कुछ भागो में क्षत्र भंग के भी संकेत है | पौष मास में ०५ मंगलवार एव  ०५ सोमवार होने से राजनेतिक एवं प्राक्रतिक हल चल जारी रहेगी | तेज हवायो एवं ओला वर्ष्टि से किसानो की खड़ी  फसल को नुकसान होने की संभवना है | इस के साथ साथ देश की राजनीती में प्रबल शीत लहर के चलने के साथ केंद्र के मंत्रियो के पद एवं मुख्य मंत्रियो के पदों में बदलाब संभव है |               पंडित -श्रीनिवास शर्मा            वास्तु विद एवं ज्योतिष सलाहाकार व् कथा बाचक  -- मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी | दीन दयाल ...

15 दिसम्बर २०१७ से राजनेतिक शीत युद्ध एवं नेपाल में क्षत्र भंग के योग

१५ दिसम्बर दिन शुक्र वार से सूर्य धनु राशी में शनि के साथ युति कर  गौचर करेगा  जिस से देश के उत्तरी एवं पुरबी हिस्सों में राजनेतिक शंकट उत्पन्न होने की सम्भावना है | मेदनी ज्योतिष शनि जनता का कारक है एवं सूर्य सरकार एवं ससक का कारक माना गया है | परिणाम स्वरूप जनता एवं सासको के बीच अशांति व्याप्त होने की सम्भावना है |यधपि ०५ दिसम्बर से शनि के बक्री होने के कारण देश के राजनेता  जनता का हित करते रहेंगे |इस की संभवना है |लेकिन अशांति के चलते नेपाल जैसे राष्ट में क्षत्र भंग के संकेत भी  हो सकते है | इस के साथ साथ  मुशलम राष्टो में भारी अशांति बनी रहने की संभवना है | यह स्थति जब तक सूर्य धनु राशी में दिनाक 14--०१-२०१८ तक रहने के कारण बने रहने की संभवना है | यधपि भारत में केबल राजनेतिक शीत लहरों के अलाबा  कोई प्रक्रिया घटित नहीं होगी | इन दिनों में बाज़ार में वस्तुओ के भाव बड जाने के कारण मोदी सरकार से लोग नाराज रहेंगे |       जय श्री राधे        पंडित श्रीनिवास शर्मा ज्योतिषी एव वास्तु विद  -- मंगल भवन  अ...

मौसम बदलाब से उत्पन्न बीमारियाँ

कल दिनाक १६-११-२०१७ को सूर्य शुक्र की राशी तुला को छोड़ कर मंगल की राशी वर्श्चिक में प्रवेश करेंगा | एवं उस की युति बुध के साथ होंगी | परिणाम स्वरूप तेज शीत लहर चलने की पूरण संकेत है |जिस से प्रदूषित वायु स्वस्थ में गिराबट पैदा करेंगे एवं वायु के दूषित प्रभाव के कारण नई बीमारियाँ उत्पन्न होंगी | इस के साथ साथ जब २८-११-२०१७ को शुक्र अपनी उच्च राशी को छोड़ कर मंगल की राशी वर्श्चिक में प्रवेश करेगा | इन दिनों सूर्य  विशाखा नक्षत में है जिस का स्वमी  गुरु है एवं बुध अपने ही नक्षत्र ज्येष्ठा में गौचर कर रहा है | अत मौसम बहुत तेजी से बदलेंगा एवं सीत लहर चलने की सम्भावना भी है | -- मंगल भवन  अमंगल  हारी, द्र्वयु सो  दशरथ  अजर बिहारी | दीन दयाल  विरद  सम भारी,   हरयो  नाथ  मम शंकट भारी .||. Pt.Shriniwas Sharma Mo:9811352415                                                       http:// vedicastrolo...